जब सीना ग़म से बोझल हो, और याद किसी की आती हो!
तब कमरे में बंद हो जाना, और चुपके चुपके रो लेना!!
जब आंखें बागी हो जायें, और याद में मेरी भर आयें!
फिर खुद को धोका मत देना, और चुपके चुपके रो लेना!!
जब पलकें दर्द से मूंदी हो, और सब समझें तुम सोते हो!
तब मुहँ पर तक्या रख लेना, और चुपके चुपके रो लेना!!
यह दुनिया जालिम दुनिया है, तुम हर गम को भी सह लेना!
तुम सब के सामने चुप रहना, और चुपके चुपके रो लेना!!
जब बारिश चेहरा धो डाले, और अश्क भी बूँदें लगते हों!
वो लम्हा हरगिज़ मत खोना, और चुपके चुपके रो लेना!!